पटना, 07 मई
बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुरुवार दोपहर सम्राट कैबिनेट के विस्तार के साथ नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति रही। समारोह में भाजपा कोटे से 15, जदयू कोटे से 12, लोजपा (आर) से 2, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से 1 तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा से 1 मंत्री ने शपथ ली।
शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान गठबंधन सरकार के नए मंत्रिमंडल का स्वरूप भी सामने आया। सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री के रूप में कोइरी समाज से हैं, जबकि विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भाजपा कोटे से जिन 15 मंत्रियों ने शपथ ली उनमें राम कृपाल यादव, केदार गुप्ता, नीतीश मिश्रा, मिथलेश तिवारी, रमा निषाद, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, प्रमोद चंद्रवंशी, लखेंद्र पासवान, संजय टाइगर, इंजीनियर कुमार शैलेंद्र, नंद किशोर राम, रामचंद्र प्रसाद, अरुण शंकर प्रसाद और श्रेयसी सिंह शामिल हैं।
जदयू कोटे से 12 मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें निशांत कुमार, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार, जमा खान, भगवान सिंह कुशवाहा, शीला मंडल, दामोदर राउत, बुलो मंडल और रत्नेश सदा शामिल हैं।
लोजपा (आर) की ओर से संजय पासवान और संजय सिंह को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई, जबकि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से संतोष मांझी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा से दीपक प्रकाश को मंत्रिमंडल में स्थान मिला।
मंत्रिमंडल में जातीय प्रतिनिधित्व पर भी ध्यान दिया गया है। भाजपा कोटे में बनिया समुदाय से जुड़े विभिन्न वर्गों को भी स्थान दिया गया है, जिनमें सूड़ी, कलवार, कानू और तेली समाज के प्रतिनिधि शामिल हैं।
दलित वर्ग से कुल 7 मंत्री बनाए गए हैं, जिनमें पासवान, रविदास, मुसहर और पासी समुदाय से प्रतिनिधित्व शामिल है। मुस्लिम समुदाय से एक मात्र मंत्री जमा खान को स्थान मिला है।
मंत्रिमंडल में भाजपा ने अपने पारंपरिक समर्थन आधार के साथ-साथ वैश्य, यादव, निषाद, पासवान और रविदास समुदायों को भी प्रतिनिधित्व देकर सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है, खासकर व्यापारिक वर्ग को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया है।











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