यरुशलम, 7 मई।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका देश किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और अमेरिका तथा इजरायल के लक्ष्य पूरी तरह एक जैसे हैं। उन्होंने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि ईरान के साथ संभावित समझौते की अमेरिकी कोशिशों से इजरायल आश्चर्य में है।
नेतन्याहू ने बताया कि वह और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच लगभग रोजाना बातचीत होती है और दोनों देशों के अधिकारी भी लगातार संपर्क में रहते हैं। उन्होंने कहा कि आज रात भी ट्रंप के साथ उनकी फोन पर बातचीत की योजना है, जिससे दोनों देशों के बीच समन्वय और मजबूत होता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल ईरान से जुड़े किसी भी हालात के लिए पूरी तरह तैयार है और दोनों देशों का सबसे अहम लक्ष्य ईरान से समृद्ध परमाणु सामग्री को हटाना है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर साझा रणनीति पर काम जारी है।
इजरायली अधिकारियों की ओर से ईरान पर दोबारा कार्रवाई के समर्थन की बात भी सामने आई है, क्योंकि ईरान की परमाणु क्षमता और बैलिस्टिक मिसाइल भंडार को अब भी गंभीर खतरा माना जा रहा है।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता स्वीकार करना होगा, अन्यथा और तेज तथा व्यापक बमबारी का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत में प्रगति हुई है और जल्द ही समझौते की संभावना बन सकती है, साथ ही उन्होंने दोहराया कि तेहरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार नहीं रखने दिए जाएंगे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल के संघर्षों में ईरान के सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें नौसेना, वायुसेना और रडार प्रणाली को बड़ा झटका लगा है, जबकि कई शीर्ष नेता भी प्रभावित हुए हैं।
ट्रंप ने कहा कि हालात ऐसे हैं कि यदि लड़ाई रुकती है तो ईरान को सैन्य रूप से फिर से खड़ा होने में वर्षों नहीं बल्कि दशकों लग सकते हैं, हालांकि कूटनीतिक समाधान की संभावना अब भी बनी हुई है।





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