लखनऊ, 07 मई।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भारत को वैश्विक फल बाजार में मजबूत पहचान बनाने के लिए केवल उत्पादन बढ़ाने पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता, प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात मानकों पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए भारतीय फलों की गुणवत्ता और शेल्फ लाइफ को बेहतर बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
गुरुवार को लखनऊ स्थित आईसीएआर–केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान में आयोजित “फ्रूट होराइजन 2026” कार्यक्रम में किसानों, वैज्ञानिकों और निर्यातकों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खेती को अब केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, बाजार और निर्यात तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि भारत अगर वैश्विक फल बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहता है तो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन, बेहतर पैकेजिंग और निर्यात के दौरान गुणवत्ता बनाए रखने पर गंभीरता से काम करना होगा।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, एपीडा, निर्यातक और अन्य संबंधित एजेंसियां मिलकर एक विशेष टास्क फोर्स का गठन करेंगी। यह टीम किसानों और निर्यातकों की समस्याओं का समाधान निकालने के साथ प्रभावी कार्ययोजना तैयार करेगी।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि किसानों की जरूरतों को देखते हुए क्लीन प्लांटिंग मैटेरियल कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश में आधुनिक क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यहां आम, अमरूद, लीची और एवोकाडो जैसी फसलों के लिए रोगमुक्त और शुद्ध पौध सामग्री तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए “जीरो रिजेक्शन” और प्रीमियम गुणवत्ता वाले फलों के उत्पादन पर विशेष फोकस करना होगा। आधुनिक तकनीक, बेहतर पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन और प्रसंस्करण सुविधाएं भारतीय बागवानी क्षेत्र को नई दिशा दे सकती हैं।
केंद्रीय मंत्री ने किसान उत्पादक संगठनों और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि छोटे किसानों को बाजार और निर्यात से जोड़ने में ये संस्थाएं अहम भूमिका निभा सकती हैं।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड द्वारा निर्यात केंद्रित क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं और उत्तर प्रदेश में आधुनिक पोस्ट हार्वेस्ट सुविधाओं तथा जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से आए किसान, वैज्ञानिक, निर्यातक, नर्सरी संचालक और कई सरकारी अधिकारी मौजूद रहे।



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