भोपाल, 07 मई।
मध्यप्रदेश ने वर्ष 2030 तक वस्त्र निर्यात को नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। राज्य सरकार ने पांच अरब अमेरिकी डॉलर तक टेक्सटाइल निर्यात बढ़ाने की रणनीति तैयार की है। इसके तहत उत्पादन, निर्यात, कौशल विकास और औद्योगिक ढांचे को एक साथ मजबूत करने पर काम किया जाएगा।
राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में प्रमुख सचिव उद्योग राघवेन्द्र कुमार सिंह ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ ‘स्टेट एक्सपोर्ट एक्शन प्लान’ पर चर्चा की। बैठक में केंद्र सरकार की निर्यात नीति के अनुरूप मध्यप्रदेश को वैश्विक वस्त्र बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
योजना के तहत प्रदेश के 11 जिलों को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। सीहोर, रायसेन, धार, इंदौर, खरगोन, उज्जैन और भोपाल को ‘चैंपियन जिले’ के रूप में चिन्हित किया गया है, जबकि जबलपुर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और बुरहानपुर को ‘आकांक्षी जिले’ के तौर पर शामिल किया गया है।
सरकार की रणनीति केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि निर्यात क्षमता बढ़ाने पर भी फोकस रहेगा। इसके तहत एक लाख से अधिक युवाओं को टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़े कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रदेश में एक हजार नए निर्यातकों को तैयार करने की योजना बनाई गई है।
निर्यात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पीथमपुर के पास करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से कंटेनर डिपो बनाया जाएगा। इससे माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आने की उम्मीद है। वहीं धार स्थित पीएम मित्रा पार्क में लगभग 30 हजार श्रमिकों के लिए आधुनिक श्रमिक नगर विकसित करने की तैयारी की जा रही है।
प्रदेश की पारंपरिक वस्त्र कला को भी इस मिशन का हिस्सा बनाया गया है। चंदेरी, माहेश्वरी और बाग प्रिंट जैसे प्रसिद्ध हस्तशिल्प उत्पादों को ‘टेक्सटाइल्स ऑफ एमपी’ ब्रांड के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने की योजना बनाई गई है।
राज्य सरकार ने अमेरिका, यूरोप, यूनाइटेड किंगडम, यूएई और जापान जैसे प्रमुख बाजारों को ध्यान में रखते हुए निर्यात रणनीति तैयार की है। यूके, यूएई, ईएफटीए और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ लेने के लिए जिला स्तर पर उत्पाद मैपिंग और उद्योग समन्वय भी किया जाएगा।
बैठक में प्रमुख टेक्सटाइल कंपनियों, निर्यात परिषदों और उद्योग संगठनों ने भी सुझाव दिए। राज्य सरकार इन सुझावों को अंतिम कार्य योजना में शामिल कर 15 मई तक केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगी। इसके बाद जून 2026 में आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र शिखर सम्मेलन में मध्यप्रदेश अपनी टेक्सटाइल रणनीति प्रस्तुत करेगा।





.jpg)





