नई दिल्ली, 07।
झारखंड के देवघर जिले में एक रिमांड होम में युवती कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने इस घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने झारखंड के मुख्य सचिव और देवघर के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
आयोग के अनुसार मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि 2 मई को चरखी पहाड़ी क्षेत्र स्थित रिमांड होम में बंद 19 वर्षीय युवती कैदी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद रिमांड होम के कर्मचारियों द्वारा उसे देवघर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
अब तक युवती की मौत के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है, जिससे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के बाद रिमांड होम की व्यवस्थाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
मीडिया रिपोर्टों के हवाले से आयोग ने यह भी कहा कि 1 जनवरी 2026 से अब तक इसी रिमांड होम में पांच कैदियों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने संस्थान की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मानवाधिकार आयोग ने मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है ताकि पूरी परिस्थितियों की समीक्षा की जा सके और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।



.jpg)







