वॉशिंगटन, 08 मई।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने अज्ञात उड़न वस्तुओं यानी यूएफओ से जुड़े अब तक के गोपनीय दस्तावेजों का पहला बड़ा हिस्सा सार्वजनिक कर दिया है। यह कदम फरवरी में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद उठाया गया, जिनके निर्देश पर पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से यह फाइलें जारी की गईं।
जारी किए गए दस्तावेजों में कुल 162 फाइलें शामिल हैं, जो कई दशकों पुराने रिकॉर्ड से संबंधित हैं। इनमें संघीय जांच एजेंसी, विदेश विभाग और अंतरिक्ष एजेंसी सहित विभिन्न अमेरिकी संस्थाओं के दस्तावेज भी शामिल हैं। इन फाइलों के साथ एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया गया है, जहां इन दस्तावेजों को उपलब्ध कराया गया है।
रक्षा विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जारी किए गए चित्रों और दस्तावेजों पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। विभाग के अनुसार कई रिकॉर्ड केवल सुरक्षा जांच के तहत देखे गए हैं और अभी उनका पूर्ण विश्लेषण नहीं किया गया है।
सरकारी बयान में कहा गया है कि पूर्ववर्ती प्रशासनों ने कई मामलों में जानकारी को सीमित रखने या भ्रम की स्थिति बनाए रखने का प्रयास किया था, जबकि मौजूदा नीति के तहत जनता को अधिकतम पारदर्शिता देने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा गया कि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नागरिक स्वयं निष्कर्ष निकाल सकते हैं।
इस प्रक्रिया में ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष एजेंसी, एफबीआई और राष्ट्रीय खुफिया निदेशालय सहित कई एजेंसियों की भागीदारी रही है। इन दस्तावेजों में पश्चिमी अमेरिका के ऊपर देखी गई संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े इन्फ्रारेड चित्र भी शामिल बताए गए हैं, जो वर्ष 2025 के दौरान रिकॉर्ड किए गए थे।
इस खुलासे के बाद एक बार फिर यूएफओ से जुड़े मामलों को लेकर सार्वजनिक रुचि बढ़ गई है, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इन दस्तावेजों का वैज्ञानिक विश्लेषण अभी जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।






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