बारूईपुर, 24 अप्रैल।
पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले चरण का मतदान गुरुवार को संपन्न हो चुका है, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है। इसी क्रम में दूसरे चरण से लगभग एक सप्ताह पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारूईपुर दौरे से पूर्व क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है।
भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि बारूईपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान उपयोग किए जा रहे एक ई-रिक्शा पर हमला किया गया है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
भाजपा के अनुसार, गुरुवार को कल्याणपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रचार अभियान चलाया जा रहा था, जिसके लिए स्थानीय ई-रिक्शा चालक अजय हालदार की गाड़ी किराए पर ली गई थी। आरोप है कि चाकरबेड़िया इलाके के पास तृणमूल कांग्रेस से जुड़े स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने चालक को प्रचार करने से रोक दिया।
इसके साथ ही भाजपा का दावा है कि अजय हालदार के साथ मारपीट की गई, वाहन में तोड़फोड़ की गई तथा प्रचार सामग्री जैसे फ्लेक्स और बैनर भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए।
घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा के बारूईपुर पश्चिम से प्रत्याशी विश्वजीत पाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के वर्तमान विधायक का जनता से कोई जुड़ाव नहीं है और वे अलोकतांत्रिक व्यवहार करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी तथा इस संबंध में थाने में शिकायत भी दर्ज कराई जाएगी।
वहीं दूसरी ओर, कल्याणपुर ग्राम पंचायत के प्रधान सुरजीत पुरकायत ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस का इस घटना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह अपने आंतरिक विवादों को छिपाने के लिए तृणमूल पर झूठे आरोप लगा रही है। उनके अनुसार, पुलिस जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
फिलहाल इस घटना को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक तनाव बना हुआ है और मामले की जांच जारी है।










