भोपाल, 17 अप्रैल।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती 2025 को लेकर चल रहा आंदोलन शुक्रवार को उस समय उग्र हो गया, जब मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया और बाद में उन्हें वहां से हटाकर बसों में बैठा लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर दुर्व्यवहार और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद वृद्धि और प्रक्रिया में तेजी की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से सीएम हाउस की ओर जा रहे थे, लेकिन पॉलिटेक्निक चौराहे के पास भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। पहले उन्हें कुछ समय तक वहीं बैठाए रखने के बाद अचानक कार्रवाई करते हुए वहां से हटाया गया और खजूरी थाना ले जाया गया। इस दौरान एक अभ्यर्थी के घायल होने की भी सूचना है।
ग्वालियर के अभ्यर्थी सूरत सिंह धाकड़ ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद पुलिस ने अभद्र व्यवहार किया, जबकि शिवपुरी के नितिन ने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान उनकी उंगली में फ्रैक्चर हो गया। उनका कहना है कि वे केवल अपनी मांगें रखने जा रहे थे, लेकिन उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में माध्यमिक शिक्षक भर्ती में प्रत्येक विषय के लिए पदों की संख्या बढ़ाकर 3,000 या कुल 10,000 करने की मांग शामिल है। वहीं प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाकर 25,000 करने की मांग की जा रही है। इसके अलावा 3,200 विशेष शिक्षक पदों को अलग भर्ती प्रक्रिया से भरने और दोनों भर्तियों में जल्द दूसरी काउंसलिंग शुरू करने की भी मांग रखी गई है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में 1.15 लाख से अधिक शिक्षक पद खाली होने के बावजूद सीमित पदों पर भर्ती निकाली जा रही है, जिससे बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार प्रभावित हो रहे हैं। वे पिछले कई महीनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और इससे पहले भी विभिन्न तरीकों से विरोध दर्ज करा चुके हैं।
प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।



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