नई दिल्ली, 17 अप्रैल।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़ी सिटियस ट्रांसनेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट का 1,105 करोड़ रुपये का आईपीओ आज से निवेशकों के लिए खुल गया है। इस इश्यू में 21 अप्रैल तक बोली लगाई जा सकेगी। इसके बाद 24 अप्रैल को अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जबकि 27 अप्रैल को शेयर डीमैट खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। कंपनी के शेयर 29 अप्रैल को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध हो सकते हैं।
इस आईपीओ के लिए 99 से 100 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया गया है। इसके तहत कुल 11.05 करोड़ नए यूनिट्स जारी किए जा रहे हैं, जिनसे 1,105 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है। जुटाई गई राशि का उपयोग एसआरपीएल रोड्स प्राइवेट लिमिटेड, त्रिशूर एक्सप्रेसवे लिमिटेड, जोराबट शिलांग एक्सप्रेसवे लिमिटेड, धोला इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और दिबांग इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी परियोजनाओं की प्रतिभूतियों के आंशिक या पूर्ण अधिग्रहण में किया जाएगा, साथ ही सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों में भी इसका उपयोग होगा।
इस इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 75 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित किया गया है, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए न्यूनतम 25 प्रतिशत हिस्सा रखा गया है। इस आईपीओ के लिए एक्सिस कैपिटल को बुक रनिंग लीड मैनेजर और केफिन टेक्नोलॉजीज को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
वित्तीय आंकड़ों के अनुसार कंपनी के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में शुद्ध घाटा 6,454.01 करोड़ रुपये रहा, जो 2023-24 में घटकर 774.12 करोड़ रुपये पर आ गया। 2024-25 में यह और घटकर 417.75 करोड़ रुपये रह गया, जबकि मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से दिसंबर 2025 तक 219.05 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज हुआ है।
राजस्व में लगातार सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2022-23 में 1,885.30 करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 2,038.53 करोड़ रुपये और 2024-25 में बढ़ोतरी दर्ज हुई। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से दिसंबर 2025 तक कंपनी का राजस्व 1,570.39 करोड़ रुपये रहा है।










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