मीरजापुर, 31 मार्च।
उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में गंगा नदी में एक शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। यह शव प्रयागराज जिले के एक लापता इंजीनियर का है, जिसे उसके परिजनों ने शिनाख्त कर लिया। शव पिपराडाड़ गांव के पास गंगा में उतराता हुआ मिला था।
मीरजापुर के देहात कोतवाली क्षेत्र में स्थित जमुनहिया के पास गंगा किनारे एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली, जिसके बाद तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शव की पहचान बाद में प्रयागराज के फूलपुर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर लोढ़ी डीह गांव निवासी अशोक तिवारी ने अपने 34 वर्षीय बेटे जयप्रकाश तिवारी के रूप में की।
परिजनों ने बताया कि जयप्रकाश गाजियाबाद में एक निजी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। 26 मार्च को वह अपनी पत्नी को वाराणसी में छोड़कर मीरजापुर की यात्रा पर निकले थे, लेकिन इसके बाद उनका कोई संपर्क नहीं हुआ। तीन दिन बाद 29 मार्च को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट वाराणसी के सिगरा थाने में दर्ज कराई गई थी।
जयप्रकाश के परिवार के सदस्य ने बताया कि उनका बेटा हरिओम काफी समय से गंभीर रूप से बीमार था, और इस वजह से वह मानसिक तनाव में थे, जो कि उनके लापता होने का एक कारण हो सकता है।
पुलिस ने इस मामले में प्रारंभिक जांच की है और फिलहाल इसे आत्महत्या का मामला मानते हुए जांच जारी रखी है। देहात कोतवाल अमित मिश्र ने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि सही कारण का पता चल सके।












