भोपाल, 03 नवंबर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा जनजातीय समुदाय की मेहनत, परंपराओं और किसानों की उपलब्धियों से समृद्ध है। यहां श्रीअन्न, फूलों की खेती और संतरे ने जिले को अलग पहचान दिलाई है। संतरे को भौगोलिक संकेतक की मान्यता भी मिली है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को मंत्रालय से बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा को प्रदेश की मक्का नगरी कहा जाता है और यहां का स्वीट कॉर्न देशभर में लोकप्रिय है। सरकार मक्का उत्पादक किसानों को बेहतर भंडारण, प्रसंस्करण इकाइयां और राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, ताकि उपज की गुणवत्ता और स्वाद देश-दुनिया तक पहुंच सके।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ उद्यानिकी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना पूरी होने पर जिले की सिंचाई क्षमता 29 प्रतिशत से बढ़कर 54 प्रतिशत हो जाएगी। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत जिले के 122 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने किसानों से फसल विविधीकरण, नवाचार, प्रसंस्करण और बेहतर विपणन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने पूरनलाल इनवाती से प्राकृतिक व समन्वित खेती, प्रवेश रघुवंशी से नरवाई प्रबंधन, सुषमा शर्मा से देसी गाय पालन और गुरु प्रसाद पवार से आलू व स्वीट कॉर्न संबंधी गतिविधियों पर संवाद किया। कार्यक्रम में अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव, सांसद विवेक बंटी साहू सहित जनप्रतिनिधि और किसान उपस्थित रहे।















