कोलकाता, 24 अप्रैल।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच कोलकाता की चौरंगी सीट इस बार सबसे चर्चित और कड़े मुकाबले वाली सीटों में शामिल हो गई है। चुनावी समीकरण उस समय और दिलचस्प हो गया जब कांग्रेस के पूर्व प्रभावशाली नेता और कोलकाता नगर निगम के पूर्व पार्षद संतोष पाठक ने चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। मजबूत जनाधार रखने वाले संतोष पाठक को भाजपा ने चौरंगी सीट से उम्मीदवार बनाया है, जिससे यहां राजनीतिक संघर्ष और तीखा हो गया है।
तृणमूल कांग्रेस ने इस सीट से अपनी मौजूदा विधायक नयना बंद्योपाध्याय को एक बार फिर प्रत्याशी बनाया है, जो लगातार दो बार से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और वरिष्ठ तृणमूल नेता सुदीप बंद्योपाध्याय की पत्नी भी हैं। एक ओर तृणमूल इस सीट पर अपनी पकड़ बनाए रखने का दावा कर रही है, वहीं भाजपा इसे अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। भाजपा प्रत्याशी संतोष पाठक ने दावा किया कि इस बार न केवल चौरंगी सीट बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार का अंत तय है।
चौरंगी सीट पर मतदाताओं के रुझान पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि केवल इस क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य की जनता बदलाव के मूड में है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल शासन में भ्रष्टाचार बढ़ा है, प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हुई है और कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि जनता लंबे समय से इन समस्याओं से जूझ रही है और अब परिवर्तन चाहती है तथा इस बार लोग तृणमूल को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुके हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा भाजपा को बाहरी पार्टी कहे जाने के सवाल पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने आसनसोल से शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आजाद जैसे नेताओं को सांसद बनाया है, जो बंगाल से नहीं हैं, साथ ही राज्यसभा में भी कई सदस्य ऐसे हैं जिनका बंगाल से सीधा संबंध नहीं है, इसलिए भाजपा को बाहरी बताना केवल राजनीतिक नाटक है।
संतोष पाठक ने पूर्व पुलिस महानिदेशक और वर्तमान राज्यसभा सदस्य राजीव कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह देश के सबसे भ्रष्ट अधिकारियों में शामिल रहे हैं और तृणमूल नेताओं के भ्रष्टाचार को दबाने तथा सबूतों को प्रभावित करने में उनकी भूमिका रही है, जिसके बदले उन्हें राज्यसभा भेजा गया। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हैं और पहले उनके आवास पर भी आती रही हैं, लेकिन वह केवल दिखावे की राजनीति करती हैं और जनता को भ्रमित करती हैं, जबकि अब लोग इन वादों और राजनीतिक दावों को समझ चुके हैं।
भाजपा के संकल्प पत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सुशासन के मॉडल पर कई राज्यों में भाजपा सरकारें बेहतर कार्य कर रही हैं और बंगाल में भी सरकार बनने पर बड़े बदलाव होंगे, जबकि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण अपराध बढ़ा है और लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बनने पर महिलाओं को प्रतिमाह तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता और सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी, साथ ही युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पंद्रह हजार रुपये की सहायता और नौकरी मिलने तक तीन हजार रुपये मासिक भत्ता दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर राज्य और केंद्र की योजनाओं का पूरा लाभ जनता को मिलेगा और विकास की गति तेज होगी, जबकि बंगाल के लोग आयुष्मान भारत योजना से वंचित हैं और राज्य की स्वास्थ्य साथी योजना केवल नाम की है, जिससे बेहतर इलाज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने पर राज्य में एक करोड़ रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे और उद्योगों को पुनर्जीवित कर बंगाल को फिर से सोनार बंगाल बनाया जाएगा, साथ ही उन्होंने कहा कि चौरंगी की जनता बदलाव के पक्ष में है और इस बार पूरे पश्चिम बंगाल में तृणमूल सरकार का अंत तय है तथा यह चुनाव केवल सरकार बदलने का नहीं बल्कि राज्य के भविष्य को बदलने वाला चुनाव है।











