नई दिल्ली, 30 अप्रैल।
दिल्ली के नवनिर्वाचित महापौर प्रवेश वाही ने कार्यभार संभालते ही शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए गुरुवार को भलस्वा लैंडफिल साइट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां चल रहे बायोमाइनिंग और बायो-रेमेडिएशन कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने घोघा स्थित सीबीजी प्लांट का भी दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली को कूड़े के विशाल ढेरों से मुक्त करने के लिए प्रयास लगातार जारी हैं और बायोमाइनिंग कार्यों की समीक्षा के लिए नियमित रूप से निरीक्षण किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2026 के अंत तक भलस्वा लैंडफिल साइट पर बायोमाइनिंग कार्य पूरा कर लेगेसी कचरे का पूर्ण निस्तारण कर दिया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने चल रहे लेगेसी कचरा निस्तारण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन समयबद्ध लक्ष्य हासिल करने के लिए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निस्तारण कार्य में अतिरिक्त मशीनरी लगाई जाए ताकि प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
महापौर ने आगे कहा कि कचरा निस्तारण के बाद लैंडफिल साइट पर हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा और प्राप्त भूमि का उपयोग दिल्ली सरकार के साथ समन्वय कर जनहित के कार्यों में किया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि भलस्वा लैंडफिल साइट पर पहले 73 लाख मीट्रिक टन लेगेसी कचरे का ढेर था। नवंबर 2022 में निस्तारण कार्य शुरू हुआ, जिसके पहले चरण में 45 लाख मीट्रिक टन कचरा हटाया गया। दूसरे चरण की शुरुआत दिसंबर 2024 में हुई, जिसमें अब तक लगभग 43.44 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि अब साइट पर लगभग 13.58 लाख मीट्रिक टन कचरा शेष है, जिसे दिसंबर तक पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है। पहले जहां कचरे के ढेर की ऊंचाई 65 मीटर थी, वह अब घटकर लगभग 30 मीटर रह गई है।
महापौर ने घोघा स्थित सीबीजी प्लांट का भी निरीक्षण किया और उसके सुचारू संचालन के लिए कड़े निर्देश दिए। उन्होंने दिल्लीवासियों, आरडब्ल्यूए और बाजार संघों से अपील की कि वे कचरे को स्रोत पर ही गीले और सूखे कचरे में अलग करें, ताकि शहर को स्वच्छ बनाने के अभियान को सफलता मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि शत-प्रतिशत कचरा पृथक्करण करने वाली आरडब्ल्यूए को प्रोत्साहित किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त संजीव खिरवार, अतिरिक्त आयुक्त अरुण कुमार मिश्रा, प्रमुख अभियंता पीसी मीणा, नरेला क्षेत्र के उपायुक्त राघवेंद्र मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



.jpg)






