चेन्नई, 24 मार्च।
तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) ने अपने गठबंधन में सीटों के बंटवारे की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसी क्रम में मंगलवार को द्रमुक और विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) के बीच सीटों का वितरण अंतिम रूप ले चुका है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की उपस्थिति में दोनों पक्षों ने समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए।
समझौते के अनुसार, 2026 के विधानसभा चुनाव में वीसीके को कुल 8 सीटें मिली हैं, जिनमें 6 आरक्षित और 2 सामान्य सीटें शामिल हैं। यह फैसला द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन और वीसीके प्रमुख थोल. थिरुमावलवन के बीच हुई बैठक के बाद हुआ। 2021 में वीसीके केवल 6 सीटों पर चुनाव लड़ती थी, लेकिन इस बार दो अतिरिक्त सीटें मिलने से पार्टी की हिस्सेदारी बढ़कर 8 हो गई है।
वीसीके प्रमुख थोल. थिरुमावलवन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गठबंधन में वामपंथी और मुस्लिम दलों को आवंटित सीटें कम लग सकती हैं, लेकिन द्रमुक वामपंथी राजनीति की रक्षा कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन में एक या दो सीटों पर मतभेद पैदा करना ठीक नहीं होगा, क्योंकि इससे जीत की संभावनाओं को नुकसान हो सकता है।
थिरुमावलवन ने स्पष्ट किया कि वीसीके एक मान्यता प्राप्त पार्टी है और वह सभी 8 सीटों पर अपने ‘बर्तन’ चुनाव चिह्न से ही चुनाव लड़ेगी। इस समझौते के साथ ही द्रमुक-वीसीके गठबंधन आगामी चुनाव में अपनी रणनीति को मजबूत कर रहा है।












