भोपाल, 27 अप्रैल
देश में वन्यजीव संरक्षण को और मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने ‘कंजर्वेशन-ब्रीडिंग’ के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इस समिति का उद्देश्य देशभर के चिड़ियाघरों में संचालित संरक्षण प्रजनन कार्यक्रमों की समीक्षा, मार्गदर्शन और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
इस समिति में पहली बार मध्यप्रदेश कैडर के भारतीय वन सेवा अधिकारी डॉ. ए. अंसारी को शामिल किया गया है, जो वर्तमान में सिवनी में वर्किंग प्लान अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनके चयन को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
समिति में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों को स्थान दिया गया है। इनमें डॉ. ए. अंसारी के साथ डॉ. मनोज वी. नायर, डॉ. कार्तिकेयन वासुदेवन और डॉ. अभिजीत पावडे शामिल हैं। समिति का कार्यकाल आदेश जारी होने की तिथि से छह माह निर्धारित किया गया है। गैर-सरकारी सदस्यों को बैठक शुल्क एवं यात्रा भत्ता केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा, साथ ही प्रशासनिक और सचिवीय सहयोग भी सुनिश्चित किया जाएगा।
यह समिति देश में लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन को नई दिशा देने की दृष्टि से अहम मानी जा रही है। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से संरक्षण प्रजनन कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने में सहायता मिलेगी, जिससे चिड़ियाघरों में चल रहे प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
समिति विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम करेगी, जिसमें संरक्षण प्रजनन प्रस्तावों की समीक्षा और सुझाव देना, वित्तीय सहायता से जुड़े प्रस्तावों का परीक्षण, प्राथमिकता वाली प्रजातियों की पहचान और सूची का पुनरीक्षण, समन्वय और सहभागी चिड़ियाघरों की भूमिका तय करना शामिल है। इसके साथ ही कार्यक्रमों के मूल्यांकन और निगरानी के लिए मानकीकृत प्रक्रियाएं विकसित करना, प्रगति रिपोर्ट के प्रारूप तैयार करना और चिड़ियाघरों के मूल्यांकन के लिए प्रश्नावली बनाना भी समिति की जिम्मेदारी में शामिल रहेगा।
समिति मास्टर प्लान तैयार करने के लिए आवश्यक प्रारूप भी विकसित करेगी और जरूरत के अनुसार अन्य कार्यों का निष्पादन भी करेगी। इस पहल से देश में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को संगठित और वैज्ञानिक आधार मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।













