जोधपुर, 02 अप्रैल।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की 2022 में आयोजित प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि एक मूल अभ्यर्थी ने अपने स्थान पर डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाकर परीक्षा दिलवाई थी। इस पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की तरफ से शास्त्रीनगर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
एसओजी यूनिट के एएसपी श्यामसुंदर विश्रोई ने बताया कि दिनेश कुमार पुत्र बाबूलाल ने प्रथम प्रश्न पत्र (सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन) की परीक्षा में स्वयं उपस्थित न होकर किसी अन्य अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाया। जांच में आयोग से प्राप्त उपस्थिति पत्रक और ओएमआर शीट की पड़ताल में फोटो और हस्ताक्षरों में स्पष्ट अंतर पाया गया। प्रथम प्रश्न पत्र में हस्ताक्षर हिन्दी में जबकि द्वितीय प्रश्न पत्र (हिन्दी विषय) में अंग्रेजी में थे। दोनों दस्तावेजों में फोटो और हस्ताक्षर मेल नहीं खाते, जिससे फर्जीवाड़ा साबित हुआ।
जांच में यह भी सामने आया कि दिनेश कुमार ने अपने परिचित मनोहर लाल निवासी सांचौर, जिला जालोर के माध्यम से डमी अभ्यर्थी की व्यवस्था की थी। इसके लिए प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ कर फोटो और हस्ताक्षर बदलकर फर्जी एडमिट कार्ड तैयार किया गया। उक्त डमी अभ्यर्थी को जोधपुर के सरदारपुरा स्थित परीक्षा केंद्र पर बैठाकर परीक्षा दिलवाई गई।
प्रकरण में पूछताछ में पता चला कि द्वितीय प्रश्न पत्र (हिन्दी की परीक्षा) दिनेश कुमार ने स्वयं दी थी। उसने स्वीकार किया कि प्रथम प्रश्न पत्र में उसने खुद परीक्षा नहीं दी थी। इस परिवाद के आधार पर शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया और फिलहाल जांच एडीसीपी वेस्ट कर रहे हैं।










