अनूपपुर, 21 अप्रैल।
अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में मंगलवार को ज्ञान और नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिला। विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभाग द्वारा "नवाचार के लिए सांख्यिकी शिक्षा: अकादमिक जगत और भारतीय पेटेंट इकोसिस्टम के बीच सेतु" विषय पर एक विशेष व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सांख्यिकी की शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे आधुनिक तकनीकी और बौद्धिक संपदा के वैश्विक मानकों से जोड़ना था।
समारोह के मुख्य वक्ता के रूप में कैलिफोर्निया (USA) की 'यूनिवर्सिटी ऑफ द पीपल' के प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रो. शंकर राव एम. उपस्थित रहे। अपने प्रभावशाली संबोधन में प्रो. राव ने बताया कि कैसे सांख्यिकी की बदलती भूमिका आज नवाचार को गति दे रही है। उन्होंने विशेष रूप से भारतीय पेटेंट इकोसिस्टम पर चर्चा करते हुए कहा कि अकादमिक अनुसंधान को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों और तकनीकी प्रगति के साथ जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने छात्रों को सांख्यिकी के व्यावहारिक अनुप्रयोगों के माध्यम से अनुसंधान और बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रो. राव ने विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद करते हुए उन्हें करियर के नए आयामों और उच्च शिक्षा के वैश्विक मार्गों की जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में अंतर्विषयक ज्ञान (Interdisciplinary Knowledge) की महत्ता बढ़ गई है। छात्रों के लिए यह सत्र बेहद प्रेरणादायक रहा, जहाँ उन्हें न केवल सांख्यिकी की जटिलताओं को समझने का मौका मिला, बल्कि भविष्य की व्यावसायिक संभावनाओं के लिए व्यावहारिक सुझाव भी प्राप्त हुए।
व्याख्यान के दौरान सांख्यिकी विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव बख्शी, भूविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सिद्धाराजू, सहायक प्राध्यापक डॉ. बालास्वामी और वरिष्ठ तकनीकी सहायक अर्चना चतुर्वेदी सहित विभाग के शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस आयोजन ने सांख्यिकी विषय के प्रति छात्रों के दृष्टिकोण को अधिक समृद्ध और आधुनिक बनाने का कार्य किया है, जिससे नवाचार आधारित शिक्षा की राह प्रशस्त होगी।









