मुंबई, 28 अप्रैल।
61वें फेमिना मिस इंडिया ग्रैंड फिनाले में ‘विश्व सूत्रा–वीव्स ऑफ इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ नामक विशेष प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इस मंच पर देश के विभिन्न राज्यों से आई 30 प्रतिभागियों ने अपने-अपने राज्य की पारंपरिक हैंडलूम पोशाकों में रैंप वॉक किया। इस प्रस्तुति का निर्माण वस्त्र मंत्रालय और डिजाइनर वैशाली एस के सहयोग से किया गया था।
शो के दौरान हर परिधान के माध्यम से भारतीय बुनाई कला की विविधता और उसकी खूबसूरती को नए और आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत किया गया। पारंपरिक वस्त्रों को समकालीन डिजाइन के साथ पेश कर भारतीय हैंडलूम की विशिष्टता और उसकी समृद्ध विरासत को प्रभावी ढंग से दिखाया गया।
इस प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि भारत के हस्तनिर्मित वस्त्र आज भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाए रखने में सक्षम हैं। फेमिना मिस इंडिया जैसे प्रतिष्ठित मंच पर ‘विश्व सूत्रा’ के जरिए भारतीय बुनकरों के कौशल को नई पहचान मिली है। इस पहल का उद्देश्य केवल फैशन प्रदर्शन नहीं बल्कि भारतीय परंपरा से जुड़ाव बढ़ाना और हैंडलूम उद्योग को प्रोत्साहित करना भी रहा।













