बीजिंग, 15 अप्रैल।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बुधवार को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की, जो इस सप्ताह बीजिंग में जारी उच्चस्तरीय कूटनीतिक गतिविधियों का हिस्सा है, क्योंकि वैश्विक नेता मध्य पूर्व युद्ध के आर्थिक प्रभावों से निपटने की कोशिश कर रहे हैं।
बीते कुछ दिनों में शी ने स्पेन, वियतनाम और अबू धाबी के नेताओं की भी मेजबानी की है, लेकिन इस सप्ताह मुख्य ध्यान रूस के शीर्ष राजनयिक की यात्रा पर रहा, क्योंकि रूस चीन का प्रमुख ऊर्जा आपूर्तिकर्ता है।
ईरान युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला व्यापार लगभग बाधित हो जाने के कारण चीन में पेट्रोल, प्लास्टिक और उर्वरक जैसी वस्तुओं की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे औद्योगिक स्थिरता पर खतरा उत्पन्न हुआ है।
लावरोव के साथ बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने दोनों देशों से आग्रह किया कि वे भौगोलिक निकटता और पारस्परिक पूरकता का पूरा लाभ उठाएं, व्यापक सहयोग को गहरा करें और एक-दूसरे के विकास की स्थिरता को और मजबूत बनाएं।
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को रणनीतिक फोकस बनाए रखते हुए एक-दूसरे पर भरोसा करना चाहिए, सहयोग करना चाहिए और साथ मिलकर विकास करना चाहिए।
लावरोव ने अपनी ओर से कहा कि चीन-रूस संबंध वैश्विक मामलों में स्थिरता की भूमिका निभा रहे हैं, खासकर उस समय में जब दुनिया “अराजकता और उथल-पुथल” से गुजर रही है।
बैठक के बाद रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि मॉस्को चीन को ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने के लिए तैयार है और वह अन्य देशों के साथ समान और पारस्परिक लाभ के आधार पर संसाधन अंतर को भर सकता है।
लावरोव की दो दिवसीय यात्रा के दौरान शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच आगामी शिखर बैठक की तैयारी भी की गई। उन्होंने पुष्टि की कि दोनों नेता इस वर्ष की पहली छमाही में आमने-सामने मिलेंगे।
इससे पहले लावरोव और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच भी विस्तृत वार्ता हुई, जिसमें मध्य पूर्व और यूक्रेन युद्ध पर गहन चर्चा की गई।
2022 में यूक्रेन पर रूसी कार्रवाई के बाद से चीन और रूस अपने आर्थिक और राजनीतिक संबंधों को लगातार मजबूत कर रहे हैं।










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