नई दिल्ली, 4 मई।
सोना और चांदी की कीमतों में सोमवार को करीब एक प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में नरमी के संकेत सामने आए हैं, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के बाद देखने को मिला।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर जून पांच की डिलीवरी वाले सोने के अनुबंध की शुरुआत एक लाख इक्यावन हजार एक सौ पचास रुपये पर हुई, जो पिछले बंद स्तर एक लाख इक्यावन हजार पांच सौ बत्तीस रुपये से तीन सौ बयासी रुपये यानी शून्य दशमलव पच्चीस प्रतिशत कम रहा।
सुबह लगभग ग्यारह बजकर तीस मिनट पर सोना एक लाख पचास हजार छह सौ तेईस रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो सात सौ उनतीस रुपये यानी शून्य दशमलव अड़तालीस प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। कारोबार के दौरान इसका न्यूनतम स्तर एक लाख पचास हजार चार सौ रुपये और अधिकतम स्तर एक लाख इक्यावन हजार तीन सौ सैंतालीस रुपये दर्ज हुआ।
वहीं चांदी के जुलाई तीन के अनुबंध की शुरुआत दो लाख पचास हजार छह सौ निन्यानवे रुपये पर हुई, जो पिछले बंद स्तर से दो सौ अड़तीस रुपये की गिरावट दर्शाता है। दिन के दौरान चांदी दो लाख उनचास हजार छह सौ रुपये तक गिर गई, जो एक दशमलव शून्य पांच प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि इसका उच्च स्तर दो लाख इक्यावन हजार दो सौ इकतीस रुपये दर्ज हुआ।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। कमेक्स पर सोना शून्य दशमलव पचपन प्रतिशत गिरकर चार हजार छह सौ उन्नीस डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी शून्य दशमलव अड़तालीस प्रतिशत गिरकर छिहत्तर दशमलव शून्य छः पाँच डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण सोने में गिरावट का रुख बना हुआ है और यह पिछले एक महीने के निचले स्तर के करीब बना हुआ है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी से सुरक्षित निवेश की मांग घट गई है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति संबंधी जोखिम और मुद्रास्फीति की आशंका के चलते प्रमुख केंद्रीय बैंकों का सख्त रुख बना हुआ है, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव जारी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों की सहायता के लिए प्रयास शुरू करेगा, जिसे उन्होंने तटस्थ देशों की मदद के लिए मानवीय पहल बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत जहाजों और उनके चालक दल को सुरक्षित मार्ग से निकालने में मदद करेगा, हालांकि किसी भी खतरे की स्थिति में ईरान को कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी गई है।
इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड शून्य दशमलव इकसठ प्रतिशत गिरकर एक सौ सात दशमलव इक्यावन डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट दो दशमलव सड़सठ प्रतिशत गिरकर निन्यानवे दशमलव ग्यारह डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।





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