ग्वालियर, 24 अप्रैल।
ग्वालियर में एक निजी नर्सिंग होम में नौ माह के शिशु की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद शुक्रवार सुबह माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल के बाहर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए।
अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों से अलग रुख अपनाते हुए मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दिए हैं। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच मामला और अधिक उलझता जा रहा है।
मृत शिशु की पहचान तनुज कुशवाहा के रूप में हुई है, जो प्रशांत कुशवाहा का पुत्र था और परिवार नहर वाले हनुमान मंदिर के पीछे निवास करता है। परिजनों का कहना है कि बच्चे को उल्टी और सांस लेने में तकलीफ होने पर 22 अप्रैल की दोपहर करीब दो बजे जनकगंज थाना क्षेत्र स्थित अंकुर बाल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था, जहां गुरुवार देर रात उसकी मौत हो गई।
परिवार ने आरोप लगाया कि डॉक्टर स्नेहा गडकर ने बिना सहमति के बच्चे को सांस की नली लगाई और इंजेक्शन दिए, जबकि उसकी हालत गंभीर नहीं थी। उनका कहना है कि गलत इलाज के कारण बच्चे की जान गई। मृतक की मां हेमलता ने यह भी आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए डॉक्टर द्वारा पचास हजार रुपये देने का प्रयास किया गया।
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर धरना देते हुए चक्का जाम कर दिया और डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। जनकगंज सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पैनल पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
इधर अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को इलाज से जुड़े दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज सौंपते हुए दावा किया है कि बच्चा वेंटिलेटर पर था और परिजनों ने उसे हटाकर झाड़-फूंक करवाई थी। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के दावों की गहन जांच कर रही है।



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