धार, 16 मई।
हाईकोर्ट के हालिया निर्णय के बाद शनिवार सुबह धार स्थित भोजशाला परिसर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विभिन्न समितियों के पदाधिकारी और श्रद्धालु परिसर में पहुंचे तथा मां वाग्देवी के गर्भगृह में दर्शन किए।
इस दौरान यज्ञ कुंड के समीप हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया, जिससे परिसर में धार्मिक वातावरण और अधिक उत्साहपूर्ण हो गया। लंबे समय बाद श्रद्धालुओं को खुले रूप से धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिला, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पण, दंडवत प्रणाम और मंत्रोच्चारण भी किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण शांतिपूर्ण बना रहा और किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति नहीं देखी गई।
बताया गया कि उच्च न्यायालय ने पुरातत्व विभाग के पूर्व आदेशों में आंशिक संशोधन करते हुए ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर इस स्थल को प्राचीन वाग्देवी मंदिर से जुड़ा माना है। निर्णय के बाद परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया गया है।
इधर, संभावित कानूनी प्रक्रिया को देखते हुए संबंधित पक्षों ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है ताकि कानून-व्यवस्था और शांति व्यवस्था बनी रहे।










