नई दिल्ली, 16 मई।
नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली की एक अदालत ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पी.वी. कुलकर्णी और सह-आरोपी मनीषा वाघमारे को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की 10 दिन की हिरासत में भेज दिया है। अदालत ने यह निर्णय विस्तृत दलीलें सुनने के बाद लिया।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश अजय गुप्ता ने जांच एजेंसी की उस दलील को स्वीकार किया जिसमें कहा गया था कि दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए उन्हें राष्ट्रीय राजधानी से बाहर ले जाना आवश्यक है, ताकि पूरे कथित षड्यंत्र की गहराई से जांच की जा सके।
सीबीआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक नीटू गुप्ता ने अदालत में पेश होकर दोनों आरोपियों की 14 दिन की रिमांड की मांग की थी। एजेंसी ने कहा कि इस मामले में बड़े स्तर पर साजिश की आशंका है, जिसकी जांच जरूरी है।
सुनवाई के दौरान सीबीआई ने यह भी बताया कि पी.वी. कुलकर्णी एक विषय विशेषज्ञ हैं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से नीट यूजी प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े रहे हैं। इस कारण उन्हें प्रश्नपत्रों तक पहुंच प्राप्त थी।
जांच एजेंसी के अनुसार सह-आरोपी धनंजय लोकांडे ने कथित रूप से मनीषा वाघमारे से लीक सामग्री प्राप्त की थी। सीबीआई ने यह भी कहा कि मामले में संगठित साजिश की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अदालत ने सभी तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोनों आरोपियों को 10 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया।









