शिमला, 03 अप्रैल।
हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं में आने वाले एक सप्ताह में गड़बड़ी की संभावना है। श्रमिक संगठन सीटू से जुड़े 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने 5 अप्रैल की शाम 8 बजे से 11 अप्रैल की सुबह 8 बजे तक हड़ताल का ऐलान किया है। यूनियन का कहना है कि यह विरोध नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) और मेड स्वान फाउंडेशन प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ किया जा रहा है।
यूनियन के राज्य महासचिव बालक राम ने बताया कि कर्मचारियों को लंबे समय से कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कर्मचारियों को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल रहा है। साथ ही कर्मचारी रोजाना लगभग 12 घंटे काम करते हैं, लेकिन ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, लेबर कोर्ट, सीजेएम कोर्ट शिमला और श्रम कार्यालय के आदेशों के बावजूद उनके मामलों में सुधार नहीं हुआ। याचिकाओं और आदेशों के बाद भी उनकी मांगों को लागू नहीं किया गया, जिससे लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यूनियन ने अपनी प्रमुख मांगों को दोहराते हुए कहा कि नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को फिर से बहाल किया जाए, ताकि उनके परिवार की आजीविका प्रभावित न हो। इसके अलावा, एंबुलेंस वाहनों की नियमित मेंटेनेंस और इंश्योरेंस प्रणाली को मजबूत करने की भी आवश्यकता है। कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान सुरक्षा और सुविधाओं की सुनिश्चितता की मांग उठाई है।
यूनियन ने यह भी कहा कि बीमारी के समय कर्मचारियों को पूरा वेतन दिया जाना चाहिए, जिससे कठिन परिस्थितियों में आर्थिक संकट से बचा जा सके। न्यूनतम वेतन का भुगतान और ईपीएफ व ईएसआई से जुड़े मुद्दों को जल्द हल करने की भी मांग की गई है।
यूनियन ने सरकार से आग्रह किया कि उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि कर्मचारियों को राहत मिले और एंबुलेंस सेवाएं पहले की तरह सुचारु रूप से जारी रहें। प्रस्तावित हड़ताल के चलते प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं दूरदराज इलाकों तक मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।











