रायपुर, 22 मई।
कृषि महाविद्यालय, रायपुर आज अपनी गौरवशाली यात्रा के 66 वर्ष पूर्ण कर रहा है। स्थापना दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर महाविद्यालय परिसर में विशेष आयोजनों की श्रृंखला तैयार की गई है, जिसमें वार्षिक समारोह और छात्र संघ का शपथ ग्रहण कार्यक्रम मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा। आज दोपहर 2 बजे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित होने वाला यह समारोह अतीत की यादों को ताजा करने और भविष्य की नई संभावनाओं को तलाशने का माध्यम बनेगा।
इस भव्य आयोजन में महाविद्यालय अपनी जड़ों से जुड़ते हुए सात पूर्व अधिष्ठाताओं और प्रथम बैच के तीन विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित करेगा। सम्मान की सूची में डॉ. एस.एस. बघेल, डॉ. एम.एन. श्रीवास्तव, डॉ. ओ.पी. कश्यप, डॉ. एस.आर. पटेल, डॉ. एम.पी. ठाकुर, डॉ. के.एल. नंदेहा और डॉ. जी.के. दास जैसे दिग्गज शामिल हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल में शैक्षणिक और अनुसंधान के क्षेत्र में संस्थान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। इसके साथ ही, संस्थान से सेवानिवृत्त हुए प्राध्यापक डॉ. एम.आर.एच. सिद्धीकी, डॉ. आर.के. साहू एवं डॉ. वी.एन. साहू का भी अभिनन्दन किया जाएगा।
महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने बताया कि समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल करेंगे। कार्यक्रम में न केवल उन पूर्व विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमाया है, बल्कि विश्वविद्यालय के वर्तमान वरिष्ठ अधिकारियों को भी मंच प्रदान किया जाएगा। यह दिन संस्थान की उपलब्धियों के साथ-साथ उन सभी दिग्गजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का है जिन्होंने पिछले छह दशकों से अधिक समय में इसे संवारा है।
संस्थान का इतिहास अत्यंत विस्तृत रहा है। शुरुआती वर्षों में यह डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर का हिस्सा था। इसके बाद 1964 में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर से जुड़ा और अंततः 20 जनवरी 1987 से यह इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अधीन संचालित हो रहा है। आज का यह आयोजन महाविद्यालय के समृद्ध इतिहास और उसकी निरंतर विकास यात्रा को एक बार फिर रेखांकित करेगा।






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