कोलकाता, 24 अगस्त।
तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन टीएमसीपी के आगामी स्थापना दिवस समारोह के आयोजन को लेकर पार्टी के भीतर छिड़ी कलह सड़क पर आ गई है और दोनों गुटों के आमने-सामने आने से राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी काफी बढ़ गई है। तय कार्यक्रम के अनुसार दोनों ही धड़े आगामी अट्ठारह अगस्त को कोलकाता के व्यस्त मेयो रोड स्थित गांधी प्रतिमा के पास कार्यक्रम आयोजित करने की जिद पर अड़े हुए हैं, जिसके चलते इसकी अनुमति का मामला अब सीधे कलकत्ता हाई कोर्ट की दहलीज तक पहुंच गया है।
सोमवार को कालीघाट खेमे के अधिकृत अधीवक्ता की ओर से न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ के समक्ष इस विवादित मामले का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई का पुरजोर आग्रह किया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए मंगलवार को सुनवाई तय कर दी है। हर साल पार्टी की ओर से इसी स्थान पर यह दिवस मनाया जाता रहा है, लेकिन हालिया विधानसभा चुनाव के बाद बदले हुए राजनीतिक समीकरणों और आंतरिक विभाजन के कारण इस बार हालात पूरी तरह से बदल चुके हैं।
ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में विजयी विधायकों के एक नए समूह ने अलग खेमे की नींव रखते हुए खुद को ही असली तृणमूल होने का दावा ठोक दिया है, और उन्होंने भी ठीक उसी दिन तथा उसी जगह पर आयोजन करने की खुली इच्छा जताई है। इससे पहले शहीद दिवस के मौके पर भी दोनों पक्षों के बीच इसी तरह का विवाद देखने को मिला था, जहां अदालत ने अलग-अलग स्थान तय किए थे, और अब इस नए मामले पर अदालत का रुख क्या रहता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।















