नई दिल्ली, 22 मई।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली हिंसा मामले से जुड़े आरोपी उमर खालिद को तीन दिनों की अंतरिम जमानत प्रदान कर दी है। न्यायमूर्ति प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश दिया कि उन्हें 1 जून से 3 जून तक अस्थायी रूप से रिहा किया जाएगा।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उमर खालिद को 1 जून की सुबह 7 बजे जेल से रिहा किया जाएगा और उन्हें 3 जून की शाम 5 बजे तक पुनः जेल में आत्मसमर्पण करना होगा। साथ ही उन्हें एक लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया है। अंतरिम जमानत अवधि के दौरान उनके दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से बाहर जाने पर रोक रहेगी तथा वे अस्पताल को छोड़कर अन्य किसी स्थान पर नहीं जाएंगे। उन्हें केवल एक ही मोबाइल फोन अपने साथ रखने की अनुमति होगी।
उमर खालिद ने कड़कड़डूमा अदालत के 19 मई के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसमें उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। उन्होंने अपने चाचा के निधन के बाद चेहलुम में शामिल होने तथा अपनी माता की 2 जून को होने वाली शल्यक्रिया से पहले और बाद में देखभाल के लिए 15 दिनों की अंतरिम जमानत की मांग की थी। हालांकि कड़कड़डूमा अदालत ने यह कहते हुए राहत देने से इनकार कर दिया था कि पूर्व में मिली अंतरिम जमानत के दौरान उन्होंने शर्तों का पालन किया था, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि हर बार उन्हें राहत दी जाए, और यह भी कि चाचा के निधन के काफी समय बाद इस आधार पर जमानत का औचित्य नहीं बनता।





.jpg)







