काठमांडू, 25 मई ।
नेपाल में महंगाई ने तेज रफ्तार पकड़ ली है और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
वाणिज्य, आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ताजा मूल्य विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार मार्च की तुलना में अप्रैल महीने में चावल, दाल, अंडा, केला और चीनी जैसी जरूरी वस्तुओं के दामों में वृद्धि हुई है, जबकि हरी सब्जियों और फलों की कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मौसमी सब्जियों के दामों में असामान्य तेजी दर्ज की गई है।
आंकड़ों के मुताबिक मार्च में जिस सब्जी की अधिकतम कीमत 23 रुपये थी, वह बढ़कर 100 रुपये तक पहुंच गई, जिससे इसमें 334.79 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। कई सब्जियों में 250 प्रतिशत तक उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जबकि लौकी में 165 प्रतिशत, कद्दू में 138.89 प्रतिशत और खीरे में 125 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। छोटे स्थानीय टमाटर, फूलगोभी, ब्रोकली और जिरी साग जैसी सब्जियों में भी 100 प्रतिशत से अधिक मूल्य परिवर्तन देखा गया है।
इसी अवधि में नेपाल आयल निगम ने मार्च से मई के तीसरे सप्ताह तक ईंधन कीमतों में छह बार संशोधन किया है। 15 मार्च को पेट्रोल 172 रुपये और डीजल 152 रुपये प्रति लीटर था, जो 15 अप्रैल तक बढ़कर पेट्रोल 219 रुपये और डीजल 237 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया। बाद में 30 अप्रैल को पेट्रोल 217 रुपये और डीजल 225 रुपये हुआ, जबकि एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2,160 रुपये तक पहुंच गई।
रिपोर्ट के अनुसार ईंधन महंगा होने से यातायात, हवाई किराया और माल ढुलाई की लागत बढ़ी है, जिससे बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर सीधा असर पड़ा है, वहीं अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव ने भी आयात लागत को बढ़ाया है।
इसके अलावा मध्य पूर्व में तनाव, ईरान-इजराइल संघर्ष, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और सोने की कीमतों में वृद्धि तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं ने भी नेपाल की महंगाई को और अधिक प्रभावित किया है।







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