नई दिल्ली, 25 मई।
पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि संकट के समय जनता को राहत देने के बजाय सरकार मुनाफाखोरी को बढ़ावा दे रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क के माध्यम से जनता से लगभग 43 लाख करोड़ रुपये वसूले हैं, लेकिन आर्थिक दबाव के समय आम लोगों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी जा रही है, जबकि तेल कंपनियों के मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने दावा किया कि प्रमुख तेल कंपनियों का संयुक्त शुद्ध लाभ चौथी तिमाही में 41 प्रतिशत बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों द्वारा यह दावा किया गया था कि देश में तेल आपूर्ति सामान्य है और महंगाई नहीं बढ़ेगी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद देश में लगातार कीमतें बढ़ाई जा रही हैं, जहां पिछले 11 दिनों में पेट्रोल में आठ रुपये और डीजल में 7.80 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि वैश्विक संकट का हवाला देकर जनता पर बोझ डाला जा रहा है, जबकि तेल कंपनियों का मुनाफा 19,470 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, वहीं संप्रग शासन के समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने के बावजूद खुदरा कीमतें नियंत्रित थीं और उत्पाद शुल्क नहीं बढ़ाया गया था।
रागिनी नायक ने सरकार की विदेश नीति और ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में 13 जहाज फंसे होने से आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं बता रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक महीने में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी के दामों में लगातार चार बार वृद्धि हुई है, जहां 25 मई को दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि इससे पहले भी कई चरणों में कीमतें बढ़ाई गई थीं।







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