कोलकाता, 26 मई।
पश्चिम बंगाल के मोथाबाड़ी न्यायाधीश उत्पीड़न मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार देर रात मालदा जिले के कालियाचक और मोथाबाड़ी क्षेत्र में छापेमारी कर 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद मामले में अब तक गिरफ्तारियों की कुल संख्या 68 तक पहुंच गई है।
जांच एजेंसी मंगलवार को इन सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर हिरासत में लेने की मांग करेगी, ताकि पूछताछ के दौरान इस प्रकरण से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
जानकारी के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कालियाचक के मोथाबाड़ी इलाके में हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए थे, जहां आरोप था कि वैध दस्तावेज होने के बावजूद लोगों के नाम सूची से हटाए जा रहे थे। इसी विवाद के चलते बीडीओ कार्यालय में एसआईआर कार्य के दौरान पहुंचे न्यायाधीशों को कई घंटों तक भीड़ ने घेरकर विरोध प्रदर्शन किया था।
स्थिति बिगड़ने पर देर रात केंद्रीय बलों की सुरक्षा में सात न्यायाधीशों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें एक महिला न्यायाधीश भी शामिल थीं। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी गई, जो तीन अलग-अलग प्राथमिकी के आधार पर जांच कर रही है।
घटना के बाद मोथाबाड़ी क्षेत्र से जुड़े कई राजनीतिक और संदिग्ध व्यक्तियों पर कार्रवाई तेज कर दी गई। इस क्रम में आईएसएफ उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली कादरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जबकि कथित मुख्य साजिशकर्ता और एमआईएम नेता मोफाक्केरुल इस्लाम को बागडोगरा हवाई अड्डे से सीआईडी ने पकड़ा था, जिसके बाद 49 अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हुई।
एनआईए ने आगे जांच बढ़ाते हुए मोथाबाड़ी के आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी को भी हिरासत में लिया है। जांच एजेंसी सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान में जुटी हुई है।















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