रायपुर, 8 जुलाई।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने हिरासत में लिया है। शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटाले से जुड़े मामलों में आरोपित अग्रवाल बुधवार को रायपुर स्थित ईओडब्ल्यू कार्यालय पहुंचे और आत्मसमर्पण किया। इसके बाद जांच एजेंसी ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया।
रामगोपाल अग्रवाल कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष रहने के साथ ही नान के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह पिछले तीन वर्षों से फरार चल रहे थे। ईओडब्ल्यू/एसीबी के निदेशक आईपीएस अमरेश मिश्रा ने पुष्टि की कि अग्रवाल को मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में हिरासत में लिया गया है।
इससे पहले मंगलवार को ईओडब्ल्यू की टीम ने रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल को पूछताछ के लिए बुलाया था। कई घंटों की पूछताछ के बाद अगले दिन बुधवार को रामगोपाल अग्रवाल खुद ईओडब्ल्यू कार्यालय पहुंचे। जांच एजेंसी का आरोप है कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए इन कथित घोटालों की राशि कांग्रेस प्रदेश कार्यालय राजीव भवन तक पहुंचाई जाती थी।
रामगोपाल अग्रवाल का नाम छत्तीसगढ़ के तीन बड़े कथित घोटालों में प्रमुख आरोपितों में शामिल है। करीब तीन हजार करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में उन पर सिंडिकेट के माध्यम से अवैध राशि के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा कोल लेवी घोटाले में अवैध वसूली और कोयले के परिवहन से जुड़ी राशि के उपयोग तथा कस्टम मिलिंग मामले में धान और चावल की मिलिंग के बदले मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के वितरण में आर्थिक अनियमितताओं के आरोप हैं।
















