कोलकाता, 10 जून।
पश्चिम बंगाल के नए वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने बुधवार को पदभार ग्रहण करने के बाद कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और राजस्व में वृद्धि करना सरकार की प्राथमिक प्राथमिकता होगी।
रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र से विधायक स्वपन दासगुप्ता को वित्त विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्ष 2022 में तत्कालीन वित्त मंत्री के पद छोड़ने के बाद यह विभाग कुछ समय तक मुख्यमंत्री के पास रहा था और बाद में इसे स्वतंत्र प्रभार के रूप में संचालित किया जा रहा था।
पदभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्य में चल रही कल्याणकारी योजनाओं को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए राजस्व बढ़ाना आवश्यक है, ताकि विकास कार्यों को गति दी जा सके।
उन्होंने कहा कि आर्थिक मजबूती, उत्पादन में वृद्धि और आय के नए स्रोतों की पहचान से ही जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा सकता है।
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान में राज्य की आय का बड़ा हिस्सा पेट्रोलियम उत्पादों और मदिरा कर से प्राप्त होता है, इसलिए आय के अन्य नए स्रोतों की तलाश जरूरी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कर बढ़ाने से राजस्व में वृद्धि नहीं होती, बल्कि कई बार कर ढांचे में सुधार और संतुलन से भी आय बढ़ाई जा सकती है।
स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि इस संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर एक नई रणनीति तैयार की जाएगी।
उत्तर बंगाल के विकास को प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि वह गुरुवार को क्षेत्र का दौरा करेंगे और शुक्रवार को चाय बागान श्रमिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को समझेंगे।
उन्होंने आश्वासन दिया कि श्रमिकों की समस्याओं के समाधान और क्षेत्रीय विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।










