तिरुवन्नामलाई, 26 मई।
तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई स्थित विश्वप्रसिद्ध उन्नामुलैयम्मन श्री अरुणाचलेश्वरर मंदिर में वैकासी (वैशाख) पूर्णिमा के अवसर पर होने वाले पवित्र गिरिवलम के शुभ समय की घोषणा मंदिर प्रशासन द्वारा कर दी गई है, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
यह धार्मिक परंपरा हर माह पूर्णिमा के दिन आयोजित होती है और देशभर के भक्तों के लिए विशेष आस्था का केंद्र मानी जाती है, जहां अरुणाचलेश्वरर मंदिर अपनी पूर्णिमा पूजा, गिरिवलम और कार्तिगई दीपम उत्सव के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार इस वर्ष वैकासी पूर्णिमा पूजा 30 मई (शनिवार) को संपन्न होगी, जबकि श्रद्धालु 30 मई दोपहर 12:50 बजे से 31 मई (रविवार) दोपहर 2:41 बजे तक गिरिवलम कर सकेंगे, जिसके दौरान भक्त लगभग 14 किलोमीटर लंबी अरुणाचल पहाड़ी की परिक्रमा पैदल पूरी करेंगे।
धार्मिक मान्यता के अनुसार पूर्णिमा के दिन गिरिवलम करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, जिसके चलते केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पुडुचेरी सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
इस वर्ष 30 मई को वैकासी विशाखम भी होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि की संभावना को देखते हुए मंदिर और जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, चिकित्सा, एम्बुलेंस सेवा, विश्राम स्थल और अन्नदान केंद्रों की व्यवस्था की जा रही है, साथ ही भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
गिरिवलम मार्ग पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने हेतु कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए जा रहे हैं, जबकि मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष सुरक्षा और बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लें।















