भोपाल, 15 मई।
उज्जैन प्रवास के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को जय गुरुदेव आश्रम पहुंचकर गुरुदेव महाराज से भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हुए उनके अमृतमय प्रवचनों को सुना। इस दौरान गुरुदेव उमाकांत महाराज ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे निरंतर समाज सेवा में सक्रिय रहें और सत्य, सनातन तथा अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए जनसेवा करते रहें। साथ ही उन्होंने कहा कि अपने कार्यों के कारण मुख्यमंत्री आज जनता के प्रिय बन चुके हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि उज्जैन में बाबा गुरुदेव का आगमन उनके लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव के दर्शन से ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं ईश्वर के दर्शन हो रहे हों और यह आश्रम वास्तव में परमात्मा का दिव्य स्थान है। उन्होंने यह भी कहा कि गुरुवर के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से जीवन में सत्य और सद्कर्मों का मार्ग प्राप्त होता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि महाराज जी का आशीर्वाद दीर्घकाल तक सभी को मिलता रहे और जीवन आनंदमय बना रहे। उन्होंने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि 84 लाख योनियों के बाद मानव जीवन प्राप्त होता है और इसे सही दिशा में जीने का मार्ग गुरुवर के उपदेशों से मिलता है, जिससे जीवन संयमित और सरल बनता है।
डॉ. यादव ने कहा कि गुरुदेव की कृपा से प्रदेश में गौशालाओं के निर्माण और संरक्षण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसके साथ ही उज्जैन सहित अनेक धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू की गई है और प्रदेश के उन्नीस धार्मिक स्थलों पर भी शराबबंदी का निर्णय लिया गया है। इनमें उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, दतिया, पीतांबरा पीठ, सलकनपुर, ओरछा और चित्रकूट सहित अन्य नगर शामिल हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन को केवल मेट्रो सिटी ही नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही उज्जैन अब धार्मिक के साथ उत्सव की नगरी के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गीता भवनों का निर्माण किया जा रहा है, जहां भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का अध्ययन और वाचन किया जा सकेगा। गौपालन को बढ़ावा देते हुए गोपालक परिवारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर से आए श्रद्धालु जय गुरुदेव आश्रम के माध्यम से भक्ति मार्ग से जुड़ रहे हैं और गुरुदेव के आशीर्वाद से ही वे जनसेवा के कार्यों को समर्पण भाव से आगे बढ़ा रहे हैं।




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