भोपाल, 30 अप्रैल।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को खरगोन जिले के मंडलेश्वर तहसील अंतर्गत कतरगांव स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र का अचानक निरीक्षण किया और वहां चल रही उपार्जन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गेहूं उपार्जन से जुड़े सभी शासन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए। उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं के हितों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे स्वयं समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करते रहेंगे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने इससे एक दिन पूर्व महेश्वर में रात्रि विश्राम किया था, जिसके बाद उन्होंने सुबह कतरगांव स्थित उपार्जन केंद्र का दौरा किया। यहां उन्होंने किसानों और पशुपालकों से संवाद करते हुए उनके साथ चाय भी पी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने उपार्जन प्रक्रिया, स्लॉट बुकिंग व्यवस्था तथा ओटीपी आधारित भुगतान प्रणाली की जानकारी ली और किसानों से सीधा फीडबैक प्राप्त किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने उपार्जन केंद्रों पर पेयजल, छाया सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर अन्नदाता को सम्मान, सुविधाएं और उपज का उचित मूल्य दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र पर मौजूद किसान व पशुपालक भगीरथ मालवीय सहित अन्य किसानों से आत्मीय बातचीत की और खेती-किसानी के साथ पशुपालन, डेयरी विकास तथा पारिवारिक स्थिति की भी जानकारी ली।







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