जबलपुर, 26 मई ।
जबलपुर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित संजीवनी क्लीनिकों के लिए आवंटित राशि के उपयोग में अनियमितताओं का मामला सामने आया है, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।
वर्ष 2025-26 में शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड के अनुरूप विकसित करने और उनके प्रमाणीकरण के लिए 58 संजीवनी क्लीनिकों हेतु प्रति संस्था एक लाख रुपये के हिसाब से कुल 58 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे।
जानकारी के अनुसार इस राशि में से 56.98 लाख रुपये व्यय कर दिए गए, लेकिन इसके बावजूद जिले की किसी भी शहरी स्वास्थ्य संस्था का एनक्यूएएस प्रमाणीकरण नहीं हो सका।
इस अनियमितता को गंभीर मानते हुए सीएमएचओ सहित चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है, जिनमें अन्य संबंधित अधिकारी भी शामिल हैं।
राज्य स्तर पर हुई समीक्षा के बाद इसे दिशा-निर्देशों की अवहेलना और अधिकारियों की लापरवाही माना गया, जिसके आधार पर नोटिस जारी किए गए।
निर्देशों में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं के एनक्यूएएस प्रमाणीकरण की कार्रवाई की जानकारी देनी होगी, अन्यथा आवंटित राशि की वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी अब तक अधिकारियों द्वारा कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे उनके खिलाफ रिकवरी के साथ एफआईआर दर्ज किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।














