दौर, 26 मई ।
इंदौर में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत गंगा दशहरा उत्सव के अवसर पर मंगलवार को राऊ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत तिल्लौर खुर्द में ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व से जुड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान करीब 900 वर्ष पुरानी बावड़ी के जीर्णोद्धार और लोकार्पण का आयोजन श्रद्धा, संस्कृति और जनसहभागिता के बीच संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, श्रद्धालुओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही। आयोजन के दौरान बताया गया कि विक्रम संवत 1184 में निर्मित इस ऐतिहासिक बावड़ी का पुनर्स्थापन केवल एक पुरानी धरोहर को सहेजने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह पारंपरिक जल संरक्षण व्यवस्था को फिर से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल भी है।
बताया गया कि सदियों पुरानी यह बावड़ी आज भी भारतीय संस्कृति, आस्था और पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक बनी हुई है। इसके संरक्षण से जल स्रोतों के महत्व और ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने बावड़ी के पुनर्जीवन को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में जल स्रोतों का संरक्षण बेहद जरूरी है और ऐसे प्रयास नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत तथा जल संवर्धन की परंपराओं से जोड़ने का काम करेंगे।
पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण का संतुलित समन्वय देखने को मिला, जिसने जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश भी दिया।














