मध्य प्रदेश
27 May, 2026

अनूपपुर में जनजातीय विश्वविद्यालय को लेकर बढ़ा विवाद, शोधार्थियों ने उठाए गंभीर सवाल

अमरकंटक स्थित जनजातीय विश्वविद्यालय में कथित जातिगत विवाद और प्रायोजित गतिविधियों को लेकर शोधार्थियों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

अमरकंटक, 27 मई ।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कथित साजिश को लेकर नया विवाद सामने आया है। विश्वविद्यालय के शोधार्थियों अयान ब्रम्हा, रोहित श्रीवास और विशाल ताम्रकार ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर प्रायोजित जातिगत धरने और लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक का ध्यान आकृष्ट करते हुए स्वतंत्र जांच की मांग रखी गई है।

शोधार्थियों का कहना है कि बीते एक वर्ष से विश्वविद्यालय में सामान्य घटनाओं और तथ्यों को जातिवाद व क्षेत्रवाद से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप है कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से जातिगत माहौल बनाकर विश्वविद्यालय के भीतर तनाव की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ प्राध्यापकों का समूह विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाकर अपने प्रभाव को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है और इसका असर सामाजिक समरसता पर पड़ रहा है। शोधार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे प्रयासों के जरिए राज्य और केंद्र सरकार की छवि धूमिल करने का वातावरण तैयार किया जा रहा है।

शोधार्थियों ने यह भी आरोप लगाए हैं कि विश्वविद्यालय में सत्ता और प्रभाव बनाए रखने के लिए अनैतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनके अनुसार, न्यायालय में याचिकाएं दायर कराने के नाम पर कथित रूप से आर्थिक लेनदेन किए जाते हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन में पदस्थ कुछ अधिकारियों और कुछ प्राध्यापकों की मिलीभगत से गोपनीय दस्तावेजों की कथित रूप से फोटोकॉपी कराई गई और उनका इस्तेमाल दबाव बनाने तथा भय पैदा करने के लिए किया जा रहा है। इस मामले में कथित रूप से जुड़े अज्ञात लोगों के विरुद्ध अलग से याचिका दायर करने की तैयारी की बात भी कही गई है, ताकि भविष्य में न्यायालयीन प्रक्रिया में ऐसे दस्तावेजों के उपयोग पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

अनुसूचित जाति युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष और शोधार्थी अयान ब्रम्हा ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में झूठे और भड़काऊ आरोपों के जरिए तनावपूर्ण वातावरण बनने लगा है। उनका कहना है कि किसी निर्दोष व्यक्ति को योजनाबद्ध तरीके से जातिगत आरोपों में घेरना न केवल विश्वविद्यालय की गरिमा को प्रभावित करता है, बल्कि सामाजिक संतुलन के लिए भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में देश के विभिन्न राज्यों और सभी वर्गों के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, ऐसे में असत्य आरोपों और प्रायोजित आंदोलनों से जातीय और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका रहती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के संपर्कों का हवाला देकर झूठे मामलों में फंसाने और आंदोलन कराने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और सामाजिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उनका कहना है कि अनुसूचित जाति और जनजाति प्रकोष्ठ को किसी भी शिकायत को जातिगत रूप देने से पहले सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उन्होंने परिसर में बाहरी और असामाजिक तत्वों की कथित गतिविधियों पर चिंता जताते हुए प्रायोजित धरनों की उच्चस्तरीय जांच तथा नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी उठाई है।

हिंग्लिश शीर्षक: Anuppur mein Janjatiya Vishwavidyalaya ko lekar badha vivaad, shodharthiyon ne uthaye gambhir sawaal

विवरण: 

मेटा टैग्स:

|
आज का राशिफल

इस सप्ताह आपके लिए अनुकूल समय है। पेशेवर मोर्चे पर सफलता मिलने के योग हैं। व्यक्तिगत जीवन में भी सुकून और संतोष रहेगा।
भाग्यशाली रंग: लाल
भाग्यशाली अंक: 9
मंत्र: "ॐ हं राम रामाय नमः"

आज का मौसम

भोपाल

30° / 42°

SUNNY

ट्रेंडिंग न्यूज़