भोपाल, 27 मई ।
मध्य प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों ने आमजन और उपभोक्ताओं से विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। कंपनियों का कहना है कि प्राकृतिक और मानवीय कारणों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लोग बिजली लाइनों, वितरण ट्रांसफार्मरों और अन्य विद्युत उपकरणों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें तथा दैनिक कार्यों के दौरान सावधानी बनाए रखें।
कंपनी ने जारी बयान में कहा कि विद्युत सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले से मौजूद बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य उपकरणों के समीप भवन निर्माण, कॉलोनियों के विकास और सड़क विस्तार कार्य के दौरान तय सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना जरूरी है। निर्माण कार्य करते समय विद्युत संरचनाओं से पर्याप्त दूरी बनाए रखना अनिवार्य है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया कि विद्युत उपकरणों के साथ छेड़छाड़ करना, उन्हें नुकसान पहुंचाना या चोरी करना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में जुर्माने और दंड का प्रावधान है। आम लोगों से अपील की गई है कि यदि इस तरह की कोई गतिविधि नजर आए तो उसकी तत्काल सूचना निकटतम विद्युत वितरण केंद्र को दें और सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए अव्यवस्थाओं को रोकने में सहयोग करें।
कंपनी के अनुसार, कई बार कॉलोनियों के विद्युतीकरण के दौरान कॉलोनाइजर अपनी सुविधा के अनुसार बिजली खंभे लगवा देते हैं। वहीं सड़क निर्माण या विस्तार के समय सड़कों की ऊंचाई बढ़ा दी जाती है, लेकिन बिजली खंभों और सड़क के बीच सुरक्षित दूरी का ध्यान नहीं रखा जाता। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है और कई बार हादसे भी सामने आते हैं।
कंपनी ने कहा कि भवन निर्माण और विस्तार के दौरान यदि कोई व्यक्ति या संस्था निर्धारित नियमों का पालन नहीं करती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विद्युत लाइनों की पेट्रोलिंग के दौरान यदि कहीं सड़क, भवन या अन्य निर्माण कार्य नियमों के विपरीत पाया जाए तो संबंधित उपभोक्ता, एजेंसी या भवन स्वामी को विद्युत अधिनियम 2003 के तहत सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए पंजीकृत नोटिस जारी किए जाएं।
कंपनी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि नई विद्युत लाइनों के निर्माण में सड़क, भवन और अन्य संरचनाओं से तय सुरक्षित दूरी का पालन किया जाए। यदि सड़क निर्माण के कारण बिजली लाइनों और मार्ग के बीच दूरी कम होती है, तो संबंधित एजेंसियों को खंभों की ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सुरक्षा मानकों का पालन होने के बाद ही सड़क निर्माण कार्य आगे बढ़े।













