मध्य प्रदेश
27 May, 2026

जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा-सुविधाएं, सरकार ने बढ़ाए अवसर

मध्य प्रदेश सरकार जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, छात्रावास, छात्रवृत्ति और कोचिंग जैसी सुविधाएं देकर उन्हें सशक्त बनाने पर जोर दे रही है।

भोपाल, 27 मई ।

मध्य प्रदेश सरकार जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। जनजातीय कार्य विभाग के माध्यम से प्रदेश में हजारों स्कूल, छात्रावास और आश्रम संचालित किए जा रहे हैं, जहां लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। सरकार का उद्देश्य जनजातीय समाज के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर प्रदान कर उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त बनाना है।

जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि सरकार जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रयास किए जा रहे हैं कि जनजातीय समाज का प्रत्येक बच्चा आधुनिक शिक्षा से जुड़े और अपने सपनों को साकार कर सके। छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि जनजातीय कार्य विभाग के तहत प्रदेश में 17 हजार 794 प्राथमिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 5 हजार 493 माध्यमिक विद्यालय, 1109 उच्च माध्यमिक विद्यालय और 804 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। विभाग ने 8 आदर्श आवासीय विद्यालय और 82 माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर भी स्थापित किए हैं। साथ ही 94 सांदीपनि विद्यालय और 26 क्रीड़ा परिसर भी संचालित किए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ बेहतर आवासीय और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।

मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों और आश्रमों में 1 लाख 49 हजार 104 विद्यार्थियों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें 92 हजार 547 बालक और 56 हजार 557 बालिकाएं शामिल हैं। अनुसूचित जनजाति आश्रमों में 1078 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 568 बालक और 510 बालिकाएं हैं। जूनियर छात्रावासों में 9 हजार 981 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा सीनियर छात्रावासों में 68 हजार 670 और महाविद्यालयीन छात्रावासों में 8 हजार 710 विद्यार्थियों को सुविधा मिल रही है।

उन्होंने कहा कि छात्रावास और आश्रमों में विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष खेल सामग्री के लिए 5 हजार रुपये, सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 5 हजार रुपये और फर्नीचर व उपकरणों के लिए 50 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाती है। उत्कृष्ट छात्रावासों में विद्यार्थियों को स्टेशनरी सुविधा के लिए 2 हजार रुपये और महाविद्यालयीन छात्रावासों में 1 हजार रुपये प्रतिवर्ष दिए जाते हैं। साथ ही उत्कृष्ट छात्रावासों में विद्यार्थियों को प्रतिमाह 200 रुपये पोषण आहार के रूप में भी उपलब्ध कराए जाते हैं।

मंत्री ने बताया कि अनुसूचित जनजाति छात्रावासों और आश्रमों में समाचार पत्र-पत्रिकाओं के लिए 5 हजार रुपये, इंटरनेट सुविधा के लिए 2500 रुपये, अध्ययन भ्रमण के लिए 25 हजार रुपये और रखरखाव के लिए 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष दिए जाते हैं। जिला और विकासखंड स्तर पर संचालित उत्कृष्ट छात्रावासों में 10 माह की कोचिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिसमें पांच विषयों की पढ़ाई कराई जाती है।

उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति छात्रावासों और आश्रमों में विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति के रूप में बालकों को 1650 रुपये और बालिकाओं को 1700 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य जनजातीय विद्यार्थियों को शिक्षा के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

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