जबलपुर, 27 मई ।
बरगी बांध में हाल ही में हुई नाव दुर्घटना के बाद नर्मदा तटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का असर अब नाव संचालन व्यवस्था में भी दिखाई देने लगा है। नाविक अब यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनाना अनिवार्य कर रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।
दुर्घटना के बाद प्रशासन ने कुछ समय के लिए विभिन्न घाटों पर नाव संचालन पर रोक लगा दी थी। हालांकि, नाविकों ने इससे रोजी-रोटी प्रभावित होने की बात कहते हुए राहत की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन ने शर्तों के साथ नाव संचालन की अनुमति दी और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए।
प्रशासन द्वारा जारी नियमों के अनुसार छोटी नावों में अधिकतम छह और बड़ी नावों में 15 यात्रियों को बैठाने की अनुमति दी गई है। साथ ही बिना लाइफ जैकेट किसी भी यात्री को नाव में बैठाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई नाविक या ठेकेदार इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नाव ठेकेदार किशन मल्लाह ने बताया कि उनकी देखरेख में सभी नाविक यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनाकर ही नाव की सवारी करा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और नगर निगम से घाटों पर साफ-सफाई तथा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की मांग भी उठाई है।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर्मदा तट पर स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। कई लोग चेतावनी के बावजूद गहरे पानी में चले जाते हैं और जलक्रीड़ा करते हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। उनके अनुसार, घाट पर फिलहाल केवल दो होमगार्ड जवान तैनात हैं, जो भीड़ और सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त नहीं हैं। श्रद्धालुओं को समझाने और रोकने के दौरान कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है।
नाव ठेकेदार ने प्रशासन से जिलहरी घाट और भटौली घाट पर भी निगरानी बढ़ाने तथा अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।














