अनूपपुर, 27 मई ।
अनूपपुर जिले में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में धान उपार्जन को लेकर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। पैक्स अनूपपुर और पैक्स दुलहरा में उपार्जन के दौरान लाखों रुपये के घाटे का मामला सामने आने के बाद समिति प्रबंधकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। समिति पदाधिकारियों और कृषक सदस्यों ने शिकायतें दर्ज कराते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।
प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित अनूपपुर के अध्यक्ष और संचालक मंडल ने समिति कैडर प्रबंधक रोहित सिंह पर गंभीर वित्तीय गड़बड़ियों और संस्था को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। कलेक्टर और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शहडोल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भेजे गए शिकायत पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2024 में समिति प्रबंधक का पद रिक्त होने के बाद नियमों को दरकिनार कर रोहित सिंह की पदस्थापना की गई थी। आरोप है कि पदभार संभालने के बाद से संस्था के नियमों और संचालक मंडल के निर्णयों की अनदेखी की जाने लगी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि धान उपार्जन के दौरान 428.40 क्विंटल धान की कमी पाई गई, जिसकी अनुमानित राशि 10 लाख 14 हजार 879 रुपये बताई गई है। आरोप यह भी है कि कई नोटिस दिए जाने के बावजूद संबंधित राशि जमा नहीं की गई। दूसरी ओर, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति दुलहरा के कृषक सदस्यों ने भी प्रबंधक मनोज कुमार विश्वकर्मा और प्रशासक अनुज ओहदार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। किसानों का आरोप है कि धान उपार्जन वर्ष 2025-26 में खरीदी के बाद 434.94 क्विंटल धान की कमी दर्शाई गई, जिसकी कीमत करीब 10 लाख 30 हजार 397 रुपये आंकी गई है।
कृषकों का कहना है कि दोनों प्रबंधकों ने कथित तौर पर मामले से बचने के लिए 13 मार्च को कलेक्टर न्यायालय में आर्बिट्रेशन प्रकरण प्रस्तुत किया, लेकिन अब तक उसका पंजीयन नहीं हो सका है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि प्रशासक की अनुमति के बिना प्रकरण दायर किया गया और संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। किसानों ने इसे संस्था को वित्तीय नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इधर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शहडोल ने 18 अप्रैल को समिति प्रबंधक रोहित सिंह के खिलाफ आर्थिक अनियमितताओं की जांच के निर्देश जारी किए थे। शाखा धनपुरी के प्रबंधक रामबहादुर द्विवेदी को खाद्यान्न वितरण, धान उपार्जन में कमी और धान परिवहन में कथित गड़बड़ियों की जांच कर सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया था, हालांकि अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। जांच अधिकारी रामबहादुर द्विवेदी ने समयाभाव को इसका कारण बताया है।
शिकायत में प्रबंधक रोहित सिंह पर अन्य कई आरोप भी लगाए गए हैं। इनमें ग्राम परसवार को कथित रूप से नई पैक्स सकरा से जोड़ना, बिना सूचना अनुपस्थित रहना, फोन रिसीव नहीं करना, पूर्व प्रबंधक का पूरा प्रभार नहीं लेना, संचालक मंडल के प्रस्तावों को लागू नहीं करना और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराना शामिल है। इसके अलावा बिना स्वीकृति भुगतान करने और खाली बारदाने की बिक्री में अनियमितता कर संस्था को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
समिति अध्यक्ष और संचालक मंडल ने कलेक्टर को पत्र लिखकर रोहित सिंह को तत्काल उनकी मूल पदस्थापना शाखा कोतमा वापस भेजने की मांग की है। साथ ही समिति के संचालन, खाद वितरण और उचित मूल्य दुकानों की व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय कर्मचारी को प्रभारी प्रबंधक बनाने का अनुरोध किया गया है।
कलेक्टर हर्षल पंचोली ने कहा है कि मामले में फाइल देखने के बाद दोनों पक्षों को बुलाकर चर्चा की जाएगी और आवश्यक होने पर जांच कराई जाएगी।














