चित्तौड़गढ़, 29 मई।
शहर के व्यस्तम मार्ग पर गुरुवार रात भारी वाहनों की लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नगर परिषद कार्यालय के समीप ओवरब्रिज के नीचे मुड़ते समय एक ट्रेलर पर लदा कंटेनर अचानक असंतुलित होकर पुलिया के पिलर से टकराया और सड़क पर गिर पड़ा। गनीमत रही कि हादसे के समय आसपास कोई वाहन या राहगीर नहीं था, अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शी एडवोकेट विनय कुमार जैन ने बताया कि उनका वाहन कंटेनर के ठीक पीछे था, और महज पांच फीट की दूरी होने के कारण वे बाल-बाल बच गए। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और आक्रोशित लोगों ने ट्रेलर चालक के साथ मारपीट भी की। कोतवाली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चालक बाबू खान को सुरक्षित हिरासत में लिया और क्रेन की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद कंटेनर को हटाकर यातायात सुचारू कराया।
इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में 'नो-एंट्री' के नियम होने के बावजूद भारी वाहनों का प्रवेश जारी है। असुरक्षित और ओवरलोड वाहनों का खुलेआम गुजरना रोज हादसों को न्योता दे रहा है, लेकिन परिवहन विभाग और पुलिस की ढिलाई के कारण इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे इन सवालों के बीच अब शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से बहस छिड़ गई है।









