अररिया, 06 जून।
फारबिसगंज सिविल कोर्ट परिसर में वकीलों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन शनिवार को भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहा। इस विरोध प्रदर्शन में अधिवक्ता संघ और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व सदस्य एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक यह आंदोलन किसी भी कीमत पर रुकने वाला नहीं है।
प्रदर्शनकारी वकीलों का मुख्य मुद्दा करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए नए न्यायालय भवन में क्रिमिनल कोर्ट का संचालन शुरू करना है। अधिवक्ताओं के अनुसार, भव्य इमारत तैयार होने और तमाम न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद भी क्रिमिनल कोर्ट का काम शुरू नहीं किया जा रहा है। इस लेटलतीफी के चलते न केवल वकीलों को, बल्कि न्याय के लिए आने वाले वादियों और आम नागरिकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
धरने पर बैठे वकीलों ने साफ कर दिया है कि वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक प्रशासन इस मामले में सकारात्मक निर्णय नहीं ले लेता। नए भवन में क्रिमिनल कोर्ट के नियमित कार्यारंभ की मांग को लेकर वकीलों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है। उनका तर्क है कि जनता को सुलभ और बेहतर न्याय दिलाने के लिए नए भवन का उपयोग तुरंत प्रभाव से शुरू होना चाहिए।
इस आंदोलन को और अधिक बल देने के लिए बार एसोसिएशन और अधिवक्ता संघ के दर्जनों अधिवक्ताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना पूरा समर्थन दिया है। बड़ी संख्या में न्याय कार्यों से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। अब देखना यह है कि वकीलों की इस हठ और जायज मांग पर सरकार और विभाग कब तक कोई ठोस कदम उठाते हैं।









