भागलपुर, 06 जून।
भागलपुर क्रिकेट एसोसिएशन की कार्यप्रणाली और उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर राज्य स्तरीय क्रिकेटर सचिन कुमार ने मोर्चा खोल दिया है। अपनी प्रतिभा और भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ से व्यथित होकर खिलाड़ी अब आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
खिलाड़ी का आरोप है कि एसोसिएशन में पिछले दो दशकों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। यहां बंद कमरों में कुछ चुनिंदा लोग अपनी मर्जी से पदों का वितरण कर लेते हैं, जिससे पारदर्शिता पूरी तरह खत्म हो गई है। उनके अनुसार, क्रिकेट का विकास करने के बजाय यहां राजनीति हावी है, जिसका खामियाजा जिले के उभरते हुए प्रतिभावान खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है।
सचिन कुमार ने एसोसिएशन पर गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बी-डिवीजन और ए-डिवीजन क्रिकेट लीग का आयोजन नियमित रूप से नहीं हो रहा है। क्लबों से पंजीकरण और आवेदन शुल्क लेने के बावजूद टूर्नामेंट आयोजित नहीं किए जाते। इस वर्ष भी पंजीकरण की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद आयोजन को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है, जिससे खेल जगत में काफी आक्रोश है।
अनशनकारी खिलाड़ी ने आरोप लगाया कि क्रिकेटरों को नियमित अभ्यास और खेल गतिविधियों से दूर रखा जा रहा है। एसोसिएशन के महत्वपूर्ण निर्णय हमेशा गोपनीय रखे जाते हैं और खिलाड़ियों के हितों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जाता है। सचिन कुमार का स्पष्ट कहना है कि जब तक प्रशासन इन मामलों की उच्चस्तरीय जांच नहीं कराता और भविष्य में होने वाले चुनावों की प्रक्रिया प्रशासन की निगरानी में पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित नहीं होती, तब तक उनका यह अनशन जारी रहेगा।









