नई दिल्ली, 06 जून।
युवा शतरंज ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञाननंद ने नॉर्वे शतरंज 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। इस शानदार कामयाबी पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने प्रज्ञाननंद को बधाई दी है।
शनिवार को अपने संदेश में उपराष्ट्रपति ने प्रज्ञाननंद की इस सफलता को उनकी असाधारण प्रतिभा, समर्पण और कठिन परिश्रम का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रज्ञाननंद का लगातार शानदार प्रदर्शन पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और वह देश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
उपराष्ट्रपति ने प्रज्ञाननंद की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय शतरंज को एक नई दिशा और पहचान दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह युवा खिलाड़ी भविष्य में और भी कीर्तिमान स्थापित करेगा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का मस्तक ऊंचा करता रहेगा। उन्होंने प्रज्ञाननंद के बेहतर भविष्य और निरंतर सफलता की कामना की है।
चेन्नई में जन्मे आर. प्रज्ञाननंद ने वर्ष 2018 में महज 12 साल की उम्र में ग्रैंडमास्टर बनकर विश्व भर में ख्याति प्राप्त की थी। इसके बाद 2022 में उन्होंने विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को ऑनलाइन रैपिड टूर्नामेंट में शिकस्त देकर सुर्खियां बटोरी थीं। नॉर्वे शतरंज 2026 की जीत ने उनके करियर में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है और वे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।











.jpg)


