कोलकाता, 06 जून।
पश्चिम बंगाल में सरकार ने राज्य के सभी मदरसों का विस्तृत सर्वे कराने का निर्णय लिया है। राज्य प्रशासन की ओर से इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को औपचारिक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आदेश के तहत पांच जुलाई तक प्रत्येक जिले को अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले मदरसों की व्यापक रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट में मदरसा संस्थानों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल करने को कहा गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कवायद का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज में सुधार लाना और मदरसा शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए ठोस योजनाएं तैयार करना है। प्रशासन का मानना है कि इन आंकड़ों के आधार पर छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षण व्यवस्था और संस्थानों के रखरखाव को सुदृढ़ किया जा सकेगा। इसके अलावा, सर्वे के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी मदरसा संस्थान में कोई अनियमितता या अवांछित गतिविधि तो नहीं चल रही है। किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने की स्थिति में नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शासन ने यह भरोसा भी दिलाया है कि इस सर्वे के बाद किसी भी मदरसा संस्थान को बंद करने की कोई योजना नहीं है और न ही छात्रों की पढ़ाई में किसी तरह की बाधा उत्पन्न होगी। वर्तमान शिक्षण व्यवस्था पूर्ववत जारी रहेगी। गौरतलब है कि राज्य के मदरसा शिक्षा विभाग ने पिछले महीने ही एक आदेश जारी कर सभी मदरसों में प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य कर दिया था। 19 मई को जारी हुए उस निर्देश के तहत अब हर दिन शैक्षणिक सत्र से पूर्व राष्ट्रगीत का गायन किया जाना आवश्यक है।









