पटना, 05 जून।
पटना उच्च न्यायालय को अपनी 48वीं मुख्य न्यायाधीश मिल गई हैं। शुक्रवार को आयोजित एक गरिमामय समारोह में न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने पद और गोपनीयता की शपथ ली।
बिहार लोकभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने उन्हें शपथ दिलाई, जिसके साथ ही उन्होंने आधिकारिक रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और मंत्री राम कृपाल यादव सहित कई गणमान्य लोग और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू के चार जून को सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद ग्रहण किया है। वे पटना उच्च न्यायालय की दूसरी महिला मुख्य न्यायाधीश बनी हैं।
सिक्किम में जन्मीं न्यायमूर्ति राय ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की और 1990 में दिल्ली बार एसोसिएशन से वकालत की शुरुआत की। वे सिक्किम न्यायिक सेवा में विभिन्न पदों पर काम करने के बाद 15 अप्रैल 2015 को सिक्किम उच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुई थीं।

अपने करियर में न्यायमूर्ति राय ने कई बार सिक्किम उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी निभाई है।
उनका पिछला अनुभव 2018 से लेकर 2026 तक के अंतराल में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में काफी समृद्ध रहा है। उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की 22 मई को की गई सिफारिश और केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद उनकी पटना नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ था।
हालांकि न्यायमूर्ति राय का कार्यकाल 12 जुलाई 2026 तक यानी संक्षिप्त है, लेकिन उनकी प्रशासनिक दक्षता और लंबे अनुभव के कारण न्यायिक हलकों में बड़ी उम्मीदें हैं।
उनकी नियुक्ति पटना उच्च न्यायालय के कामकाज को गति देने में सहायक साबित होगी। इस संक्षिप्त अवधि में भी वे अपने न्यायिक कौशल से प्रशासनिक और न्यायिक सुधारों के लिए नई राहें तय करने का प्रयास करेंगी।















