05 जून, छतरपुर।
मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित विंध्यवासिनी मंदिर पुलिस चौकी क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक सड़क हादसे ने हिंसक रूप ले लिया। यह विवाद एक मामूली दुर्घटना से शुरू होकर करीब पाँच घंटे तक चले उपद्रव में बदल गया, जिसमें दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट, पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ हुई। उपद्रवियों ने स्थिति की गंभीरता को दरकिनार करते हुए मौके पर पहुंची पुलिस टीम को भी निशाना बनाया और पथराव कर दिया।
घटना की शुरुआत टोरिया मोहल्ले के तीन युवकों द्वारा तेज रफ्तार पल्सर बाइक से हुई, जो सामने से आ रहे एक स्कूटर से टकरा गई। इस हादसे में स्कूटर सवार दंपती और उनकी तीन वर्षीय बेटी घायल हो गई। विवाद तब बढ़ा जब पीड़ित परिवार ने उपचार के खर्च की मांग की और बाइक की चाबी ले ली। आरोप है कि नाराज युवक कुछ देर बाद अपने समर्थकों के साथ लौटा और दंपती के साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित महिला ने अपनी तीन वर्षीय बेटी को सड़क पर फेंकने का भी गंभीर आरोप लगाया है।
मारपीट के बाद मामला दो समुदायों के बीच भिड़ंत में तब्दील हो गया। पीड़ित पक्ष के परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद दोनों गुटों में पथराव और संघर्ष शुरू हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस टीम पर भी उपद्रवियों ने हमला कर दिया और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान तनाव इतना बढ़ गया कि पुलिस को शुरुआती दौर में पीछे हटना पड़ा। घटना को रिकॉर्ड कर रहे एक युवक के सिर में पत्थर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
हालात को अनियंत्रित देख कोतवाली, सिविल लाइन और ओरछा रोड थाने से अतिरिक्त बल बुलाया गया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद उपद्रवी अपने घरों में ताले लगाकर फरार हो गए। पुलिस ने रात में ही कार्रवाई करते हुए निसार, निज्जू और छोटू समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। क्षेत्र में हवाई फायरिंग की चर्चा भी है, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला और दंगा फैलाने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और फरार लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।











