भोपाल, 4 जून ।
बैरागढ़ पुलिस ने फर्जी यूपीआई ट्रांजेक्शन दिखाकर ज्वेलर्स को ठगी का शिकार बनाने वाले मां-बेटी के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से स्कूटी, मोबाइल फोन तथा ठगी से प्राप्त जेवर बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग दो लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस आयुक्त संजय सिंह और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेन्द्र सिंह चौहान के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त जोन-4 आदर्शकांत शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मलकीत सिंह तथा सहायक पुलिस आयुक्त आदित्य प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अशोक कुमार गौतम के नेतृत्व में की गई।
मामले में फरियादी गुलाब सिंह मेवाड़ा द्वारा दर्ज शिकायत के अनुसार 25 मई 2026 की शाम उनकी ज्वेलरी दुकान पर दो महिलाएं पहुंचीं और एक अंगूठी तथा दो बालियां खरीदकर कुल 52 हजार रुपये का सामान ले गईं। आरोपियों ने भुगतान के नाम पर यूपीआई ट्रांजेक्शन का फर्जी संदेश दिखाया और वास्तविक राशि जमा होने से पहले ही स्कूटी से फरार हो गईं। बाद में खाते में पैसा नहीं आने पर ठगी का खुलासा हुआ।
थाना बैरागढ़ में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई और विशेष टीमों ने करीब 400 से 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों का रूट मैप तैयार किया, जिसके आधार पर दोनों महिलाओं की पहचान कर उन्हें बीडीए कॉलोनी कोहेफिजा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में समीरा अजहर (40) और उसकी पुत्री अलीजा अजहर (19) शामिल हैं, जिन्होंने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे दुकानों पर जाकर क्यूआर कोड स्कैन के बाद फर्जी भुगतान संदेश दिखाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाती थीं। पुलिस ने आरोपियों से स्कूटी, मोबाइल फोन और जेवर भी बरामद किए हैं तथा अन्य मामलों में पूछताछ जारी है।






.jpg)




